*”ग्रामीण सियासत गरम”:: पंचायत चुनाव से पहले आजाद समाज पार्टी की राजनीतिक सरगर्मियां तेज*
*आसपा के जिला अध्यक्ष संजय वर्मा ने भाजपा सरकार को घेरा*
फतेहपुर आगामी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ अपने चरम पर पहुंच गई है!आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष संजय वर्मा ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं की राजनीति कर रही है और ज़मीनी स्तर पर विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। भाजपा सरकार दलित और पिछड़ों को सिर्फ लॉलीपॉप देने का काम कर रही है भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है!
संजय वर्मा ने जाति जनगणना के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यह केवल एक चुनावी जुमला बनकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस विषय को लटका रही है ताकि दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों को भ्रम में रखा जा सके। यह सरकार चुनाव में फायदा उठाने के लिए भावनात्मक मुद्दों को हवा दे रही है चुनाव आते ही वादों की बरसात होती है लेकिन बाद में सब हवा हवाई हो जाता है उन्होंने कहा कि 2026 में जनता इसका करारा जवाब देगी अब “गांव- गांव” में जागरूकता फैल चुकी है लोग समझ चुके हैं कि उनके हक की लड़ाई कौन लड़ रहा है और कौन वादों का जाल बुन रहा है वर्मा ने तीखे अंदाज में कहा कि अगर सरकार वास्तव में सामाजिक न्याय चाहती है, तो जाति जनगणना को तुरंत लागू करना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने अंबेडकर मूर्ति के पास बाउंड्री वॉल और छत निर्माण कार्य को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए। कहा कि ये सभी योजनाएँ सिर्फ कागजों में बातचीत तक सीमित हैं और धरातल पर कोई ठोस काम नजर नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार योजनाओं का प्रचार तो बड़े स्तर पर करती है, लेकिन उनका क्रियान्वयन बेहद कमजोर है।
उन्होंने सरकार पर दलित और पिछड़े वर्ग के वोट बैंक को साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार केवल चुनाव के समय इन वर्गों की बात करती है, जबकि असल में उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। संजय वर्मा ने कहा कि “यह सरकार हवा-हवाई वादों के सहारे जनता को गुमराह कर रही है और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटका रही है।”
वर्मा ने यह भी कहा कि बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने पंचायत चुनाव 2026 को जनता के लिए एक बड़ा मौका बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि लोग सच्चाई को पहचानें और बदलाव के लिए मतदान करें।
अंत में उन्होंने जनता से अपील की कि वे झूठे वादों और प्रचार से दूर रहें और अपने अधिकारों के लिए जागरूक होकर सही निर्णय लें। फतेहपुर की राजनीति में यह बयान एक नई हलचल पैदा कर रहा है और आने वाले चुनाव में इसका असर देखने को मिल सकता है।










