जिला क्राइम संवाददाता जगदम्बा प्रशाद
कौशाम्बी। जिले का अन्नदाता एक तरफ मौसम की मार झेल रहा है, तो दूसरी तरफ सरकारी महकमों की लापरवाही उसकी कमर तोड़ रही है। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे सिराथू तहसील के बम्हरौली गांव में बिजली विभाग की जर्जर हाईटेंशन लाइन काल बनकर टूटी। तारों से निकली एक चिंगारी ने किसान अवधेश पुत्र भगौती प्रसाद के अरमानों को धूं-धूं कर जला दिया। देखते ही देखते दो बीघा खेत में खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल राख के ढेर में तब्दील हो गई। किसान ने अपनी साल भर की मेहनत को अपनी आँखों के सामने जलते देखा, लेकिन बेबस किसान के पास आँसुओं के सिवा कुछ न बचा।
हादसे के वक्त खेत में कटाई का काम चल रहा था। पीड़ित किसान के मुताबिक, कुछ फसल कट चुकी थी और कुछ खड़ी थी, तभी ऊपर से गुजर रही जर्जर हाईटेंशन लाइन में जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि ग्रामीणों के पहुंचने तक फसल का बड़ा हिस्सा जल चुका था। सबसे शर्मनाक बात यह रही कि संकट की घड़ी में जब फायर ब्रिगेड को फोन मिलाया गया, तो कॉल रिसीव ही नहीं हुई। सरकारी तंत्र की इस बेरुखी के चलते समय पर मदद नहीं मिल सकी और ग्रामीणों ने खुद की जान जोखिम में डालकर जैसे-तैसे आग पर काबू पाया। पीड़ित किसान ने अब प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है, ताकि उसके उजड़ चुके परिवार को सहारा मिल सके। सवाल यह उठता है कि क्या बिजली विभाग और फायर सर्विस की इस लापरवाही की जवाबदेही तय होगी?










