डीएम-एसपी जनता दरबार में किसान ने डीजल डालकर किया आत्मदाह का प्रयास, मचा हड़कंप
लेखपाल-कानूनगो पर नामदार जमीन दूसरे के नाम करने का आरोप, डीएम ने जांच टीम दोबारा गांव भेजी
फतेहपुर। जिले के खागा तहसील में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अपनी जमीन के मामले में न्याय न मिलने से परेशान एक किसान ने डीएम-एसपी जनता दरबार में डीजल डालकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत किसान को रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
किसान का आरोप है कि उसकी नामदार जमीन लेखपाल और कानूनगो की मिलीभगत से किसी दूसरे व्यक्ति के नाम कर दी गई। इस मामले को लेकर वह लंबे समय से तहसील और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहा था। किसान ने बताया कि उसने एक दर्जन से अधिक शिकायती पत्र दिए, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। लगातार निराशा मिलने के बाद उसने मजबूर होकर यह कदम उठाया।
जनता दरबार में हुई इस घटना को गंभीरता से लेते हुए डीएम निधि गुप्ता वत्स और एसपी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। डीएम ने तत्काल राजस्व विभाग की टीम को दोबारा किसान के गांव भेजकर जमीन की नाप कराने और पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की।
डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में लेखपाल और कानूनगो दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद जनता दरबार में मौजूद लोगों में भी चर्चा का माहौल रहा। लोगों का कहना था कि अगर समय रहते फरियादियों की समस्याओं का समाधान हो जाए तो ऐसी नौबत न आए।










