पासी सेना की कमान फिर अवधेश सरोज के हाथ, दलित आंदोलन के सक्रिय चेहरे को दोबारा मिली जिम्मेदारी
कौशाम्बी। जनपद के सामाजिक और दलित आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अवधेश सरोज को एक बार फिर पासी सेना कौशाम्बी का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठन के इस निर्णय को कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक मजबूती और समाज के बीच बढ़ते जनाधार से जोड़कर देखा है। उनकी पुनर्नियुक्ति की सूचना मिलते ही समर्थकों और समाज के लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
मंझनपुर क्षेत्र के मंगरोहनी गांव निवासी अवधेश सरोज लंबे समय से दलित समाज के अधिकारों, सामाजिक न्याय और जनसरोकारों के मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। विभिन्न सामाजिक आंदोलनों और जनहित के कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी के कारण उन्होंने जिले में एक अलग पहचान बनाई है। संगठन के भीतर भी उन्हें जमीनी कार्यकर्ता और संघर्षशील नेतृत्व के रूप में देखा जाता है।
पासी सेना ने उनके अनुभव और सक्रियता को देखते हुए एक बार फिर जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि उनके नेतृत्व में समाज को संगठित करने, युवाओं को जोड़ने और सामाजिक अधिकारों के लिए संघर्ष को नई दिशा मिलेगी।
पुनः जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर अवधेश सरोज ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पद सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक संगठन की आवाज पहुंचाने, शिक्षा, सामाजिक समानता और अधिकारों के मुद्दों पर मजबूती से काम करेंगे तथा संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे।
राजनीतिक और सामाजिक जानकारों का मानना है कि अवधेश सरोज की दोबारा ताजपोशी से जिले में पासी सेना की गतिविधियों को नई गति मिल सकती है और दलित समाज से जुड़े मुद्दों को और मजबूती के साथ उठाया जा सकेगा।










