राम मंदिर चंदा मामले की SIT जांच केवल लीपापोती है…
यूपीफाइट टाइम्स ब्यूरोचीफ लखनऊ
मलिहाबाद लखनऊ।81 दिवसीय गोविधि यात्रा के तहत ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को अपने दूसरे प्रवास में लखनऊ के मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के अमानीगंज पहुंचे। यहां माल रोड और अमानीगंज में उनका स्वागत किया गया। पादुका पूजन, आशीर्वचन और जनसभा के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने गौ संरक्षण, आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले और भाजपा सरकार पर तीखी टिप्पणियां कीं।
‘गौ माता को पशु कहना स्वीकार नहीं, हमारी मांग पूरी होगी’
शंकराचार्य ने कहा कि उनकी मांग गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की है और यह मांग हर हाल में पूरी होगी। उन्होंने कहा, “या तो मौजूदा सरकार हमारी मांग पूरी करेगी या फिर ऐसी सरकार आएगी जो इसे पूरा करेगी। हमने प्रण लिया है कि अपनी मां को पशु कहलाना अब बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
‘यूपी चुनाव तक चलेगा गौ माता की रक्षा के लिए वोट का अभियान’
उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण को लेकर जनजागरण अभियान लगातार जारी रहेगा। उनके मुताबिक आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव तक लोगों से गौ माता की रक्षा के लिए मतदान करने की अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही गौ संरक्षण का आंदोलन चल रहा है और इसे और व्यापक बनाया जाएगा।
राम मंदिर चंदा मामले में यादवों को जोड़ने पर क्या बोले
राम मंदिर चंदा मामले में आरोपी के नाम में ‘यादव’ होने और इसे समाजवादी पार्टी से जोड़ने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि किसी व्यक्ति का आकलन उसकी जाति से नहीं बल्कि उसके कर्म से होना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर कोई यादव दोषी है तो सिर्फ इसलिए पूरी जाति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। व्यक्ति अच्छा या बुरा अपने कर्मों से होता है, जाति से नहीं।”
SIT जांच पर उठाए सवाल
अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले की SIT जांच पर भी उन्होंने सवाल उठाए। शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें इस जांच से किसी बड़े खुलासे की उम्मीद नहीं है। उनके मुताबिक, “यह सिर्फ लीपापोती है। जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही और व्यवस्था में बैठे लोग ही जवाबदेही से बच रहे हैं।”
डबल इंजन सरकार पर भी साधा निशाना
‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे पर टिप्पणी करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि गौ संरक्षण और गौ हत्या का समर्थन करने वाले विचार एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि गाय की पूजा करने और गाय का मांस खाने वाली मानसिकता को एक साथ स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी संदर्भ में उन्होंने भाजपा सरकार और उसके नेताओं की नीतियों पर भी सवाल उठाए।










