तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनीं जनसमस्याऐं।।

 

कुल 201 शिकायतों में 72 का मौके पर निस्तारण ।

 

यूपीफाइट टाइम्स ब्यूरोचीफ लखनऊ।

 

मलिहाबाद, लखनऊ। तहसील मलिहाबाद में माह के प्रथम शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी. ने जनसुनवाई कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तहसील समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित 201 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 72 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।

 

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान एवं पिछले समाधान दिवसों में निस्तारित शिकायतों का शिकायतकर्ताओं से फोन पर संपर्क कर सत्यापन किया जाए तथा फीडबैक लेकर यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतों का वास्तविक समाधान हुआ है।

तहसील समाधान दिवस में नगर पंचायत मलिहाबाद में अधिशासी अधिकारी (ईओ) के न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। शिकायतकर्ता नासिर जमाल खान ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र में आवश्यक संशोधन का कार्य ईओ के अभाव में लंबे समय से लंबित है। उन्होंने बताया कि स्कूल में प्रमाण पत्र जमा करने की समय-सीमा होने के बावजूद उन्हें लगातार नगर पंचायत के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शिकायत में किसी अन्य अधिकारी को तत्काल प्रभार देकर लंबित कार्यों का निस्तारण कराने की मांग की गई। वहीं एक अन्य प्रार्थना पत्र में नगर पंचायत में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई गई।

इसी दौरान तहसील मलिहाबाद में उपजिलाधिकारी न्यायालय के पेशकार के खिलाफ अधिवक्ताओं ने भी मोर्चा खोल दिया। अधिवक्ता हंसराज गुप्ता और अरविंद कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने समाधान दिवस प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर पेशकार के तत्काल स्थानांतरण एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि संबंधित पेशकार लंबे समय से तहसील के विभिन्न पटलों पर तैनात हैं तथा भू-माफियाओं और बिचौलियों से मिलीभगत कर न्यायिक कार्यों और पत्रावलियों में कथित हस्तक्षेप कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में स्थानांतरण होने के बावजूद प्रभाव का इस्तेमाल कर तबादला रुकवा लिया गया था।

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वहीं जिलाधिकारी ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा सभी शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Up Fight Times
Author: Up Fight Times

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