– पीड़ित ने जांच और कार्रवाई की मांग की,साक्ष्य होने का दावा
अश्विनी श्रीवास्तव
चित्रकूट। राजापुर तहसील क्षेत्र में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पर एक वाहन मालिक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि उसकी खाली खड़ी मिनी ट्रक को जबरन ले जाकर उसमें अवैध बालू लोड कराई गई और बाद में वाहन को सीज कर दिया गया। मामले में रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया गया है।
ओरा गांव निवासी विमल सिंह ने बताया कि वह थाना पहाड़ी क्षेत्र के ओरा गांव का निवासी है। विमल सिंह के अनुसार, शनिवार 16 मई 2026 की सुबह करीब सात बजे उसकी टाटा 912 मिनी ट्रक संख्या यूपी 90 एटी 1211 सड़क किनारे पुरवा में खाली खड़ी थी। आरोप है कि उसी दौरान राजापुर के उपजिलाधिकारी ने वाहन की चाबी मांगी और अपने ड्राइवर के माध्यम से गाड़ी को डिफरी पुरवा से सकरौली होते हुए ओरा गांव ले जाया गया।
पीड़ित का आरोप है कि वहां जेसीबी मशीन की मदद से वाहन में अवैध बालू लोड कराई गई। इसके बाद बालू से लदी गाड़ी को थाना पहाड़ी में खड़ा करा दिया गया। विमल सिंह का कहना है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे धमकाया गया और कहा गया कि “तुम्हारा दिमाग ठंडा कर देंगे, तुम खनन का काम करते हो, गाड़ी सीज करके जुर्माना लगवाएंगे।”
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वाहन छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई। पीड़ित ने बताया कि जब उसने रुपये देने से इनकार किया तो उसकी गाड़ी को थाना पहाड़ी में सीज कर दिया गया।
विमल सिंह ने दावा किया है कि उसके पास पूरे घटनाक्रम के वीडियो, फोटो और जीपीएस मैप सहित साक्ष्य मौजूद हैं, जिनमें गांव से बालू लोड कराए जाने की पूरी जानकारी दर्ज है।
पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए कथित उत्पीड़न और फर्जी कार्रवाई के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।










