जिस लूट की घटना को पुलिस ने बताया फर्जी, अब उसका वीडियो हुआ वायरल
फतेहपुर। जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र में बीते दस मई को मारपीट कर लूट के मामले में पुलिस ने देहाती कहावत को सत्य साबित कर दिया है। देहातों में आज भी बड़े बुजुर्ग एक कहावत बोलते हैं “पैसों की अम्मा पहाड़ चढ़ती” मतलब यह है कि अगर पैसा हो तो हर हर अपराध भी माफ किए जा सकतें हैं। ठीक उसी तर्ज पर किशनपुर पुलिस ने भी चल रही है।
मामला दरसअल यह है कि बीते दस मई को थरियांव थाना क्षेत्र के हंसवा गांव निवासी मुकेश सिंह अपने परिवार के साथ अपने ननिहाल किशनपुर थाना क्षेत्र के गुरुवल गांव से वापस जा रहे थे। उसी दौरान जांलधरपुर गांव के समीप कुछ लोगों ने गाड़ी रोककर महिलाओं से छीना-छपटी शुरू कर दी। उस दौरान मुकेश सिंह ने महिलाओं से छीना-छपटी का विरोध किया तो आरोपियों ने मारपीट करते हुए गले में पड़ी सोने की चैन व अंगूठी छीन ली। घटना की जानकारी के बाद पुलिस ने दूसरे दिन जालंधरपुर गांव निवासी सूरज निषाद सहित उसके पांच अज्ञात साथियों पर मारपीट व लूट जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने बीते सोमवार को मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया। लेकिन देर शाम पुलिस ने लेन देन कर आरोपितों को छोड़ दिया। पुलिस का दावा है कि कि घटनास्थल पर सिर्फ मारपीट हुई और लूट जैसी घटना फर्जी हैं। वही सोमवार की देर शाम घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी युवक महिलाओं से छीना-छपटी कर रहा है। थोड़ी देर बाद बचाव में पहुंचे युवक से मारपीट कर गले में हाथ लगा रहा है। थोड़ी देर बाद देखते ही देखते युवक वहां से भाग रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि अपना अपना यूपी फाइट टाइम्स डिजिटल नहीं करता है। खैर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं पीड़ित ने पुलिस पर मोटी रकम का सौदा कर आरोपितों को छोडने व बचाव का आरोप लगाया है। खैर लूट जैसी घटनाओं में पुलिस के इस रवैए ने एसपी अभिमन्यु मांगलिक की इमानदारी कार्यशैली की महिटा पलेत कर दी है। लोगों का पुलिस से विश्वास उठता जा रहा है।










