यूपीफाइट टाइम्स कमलाशंकर मिश्र।
लखनऊ
मलिहाबाद तहसील मैदान में मंगलवार को मोहनलालगंज पूर्व सांसद व पूर्वकेंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर की स्वाभिमान जनसभा राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गई। प्रशासनिक अनुमति को लेकर बने विवाद और भारी पुलिस व्यवस्था के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे। तेज गर्मी के बावजूद सभा स्थल पर लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
सभा को संबोधित करते हुए कौशल किशोर ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज के महापुरुषों और वीरांगनाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों को जनता के सामने रखना है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि समाज के सम्मान और स्वाभिमान की बात की जा रही थी तो कार्यक्रम को लेकर आपत्ति क्यों जताई गई।
अपने संबोधन में उन्होंने 1857 की क्रांति के दौरान गंगाराम पासी और वीरांगना ऊदा देवी के योगदान का उल्लेख किया। साथ ही रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश के इतिहास में इन वीर हस्तियों का सम्मान और योगदान हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
कौशल किशोर ने अपनी सुरक्षा हटाए जाने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे हमेशा समाज और जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करते रहेंगे और किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे।
कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में उस समय और चर्चा बढ़ गई जब कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना के बावजूद वे मंच पर नहीं पहुंचे। इसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
हालांकि कार्यक्रम में पहुंचे समर्थकों का उत्साह पूरे समय बना रहा। सभा में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय नेताओं की मौजूदगी भी देखने को मिली।
हाल के दिनों में मलिहापासी स्मृति द्वार को हटाए जाने और फिर दोबारा स्थापित किए जाने के मुद्दे ने क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया था। इसी पृष्ठभूमि में आयोजित इस जनसभा को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में कौशल किशोर ने 13 सितंबर को आत्मसम्मान रैली आयोजित करने की घोषणा की। माना जा रहा है कि आने वाले पंचायत और विधानसभा चुनावों से पहले इस तरह के आयोजन क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण तैयार कर सकते हैं।










