मायावती की बड़ी बैठक में दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस यूकेश की मौजूदगी, 2027 चुनाव को लेकर बसपा ने कसी कमर
लखनऊ में 75 जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ मायावती ने की चुनावी तैयारियों की समीक्षा, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रदेश संगठन की बड़ी और महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट, मंडल स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल हुए।
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन की स्थिति, संभावित प्रत्याशियों के चयन और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों से पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी लेते हुए चुनावी तैयारियों को और तेज करने पर जोर दिया।
बैठक की खास चर्चा दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस यूकेश सिंह की मौजूदगी को लेकर भी रही। बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा विधायक रहे उमाशंकर सिंह का 5 अगस्त 2026 को निधन हो गया था। वह विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे।
मायावती द्वारा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उनके परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की जा चुकी है। अब पार्टी की इस महत्वपूर्ण बैठक में उनके बेटे प्रिंस यूकेश की मौजूदगी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी संभावित राजनीतिक भूमिका और प्रत्याशी बनाए जाने से जोड़कर देखा गया है, हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
बैठक में मायावती ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी मजबूती के साथ जुटने का आह्वान किया। उन्होंने विरोधी दलों की चुनावी रणनीतियों और चुनाव के दौरान किए जाने वाले लुभावने वादों को लेकर कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की बात कही। साथ ही संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा को प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया।
बसपा की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल संगठनात्मक तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में मायावती की ओर से प्रदेश के सभी 75 जिलाध्यक्षों को एक साथ बुलाकर चुनावी तैयारियों की समीक्षा किए जाने को बसपा की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रिंस यूकेश सिंह की बैठक में मौजूदगी ने बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट को लेकर भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। हालांकि उनके भविष्य को लेकर अंतिम निर्णय बसपा नेतृत्व की ओर से आधिकारिक रूप से सामने आना बाकी है।










