पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले का वांछित आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार
*काजीपुर मोड़ के पास घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली तमंचा-कारतूस बरामद*
कौशाम्बी। पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी नौशाद पुत्र निजामुद्दीन निवासी महमूदपुर मनौरी, थाना द्विवरी, जनपद कौशाम्बी को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय मंझनपुर भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को थाना द्विवरी क्षेत्र में अवैध पटाखों के निर्माण और भंडारण के दौरान जोरदार विस्फोट हुआ था। हादसे में कई लोगों की जान चली गई थी और आसपास के मकानों को भी भारी क्षति पहुंची थी। मामले में थाना द्विवरी पर मुकदमा संख्या 219/26 के तहत धारा 105/288 बीएनएस एवं विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी सत्यनारायण ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमों का गठन किया था।
पुलिस टीमों द्वारा लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। इसी दौरान 1 सितंबर की भोर में मुखबिर से सूचना मिली कि पटाखा फैक्ट्री से संबंधित मुकदमे का वांछित आरोपी नौशाद सैयद सरावां तेरहमील मार्ग स्थित काजीपुर मोड़ के पास मौजूद है और वहां से भागने की फिराक में है। सूचना पर थाना करारी पुलिस टीम और एसओजी टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी शुरू की।
पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देखकर आरोपी ईंट भट्ठे की ओर भागने लगा। आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दिए जाने पर उसने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से दो राउंड फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें नौशाद के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 315 बोर का एक अवैध देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथियों के साथ आर्थिक लाभ के लिए अवैध पटाखे और विस्फोटक सामग्री तैयार कर उनका भंडारण करता था। उसके अनुसार 31 अगस्त को गोदाम में रखे पटाखों एवं बारूद में विस्फोट हो गया, जिससे कई लोगों की जान चली गई और आसपास के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद वह पुलिस से बचकर भाग रहा था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और 500 रुपये बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले के अलावा थाना करारी में धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत एक अन्य मुकदमा भी दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ वर्ष 2024 में विस्फोटक अधिनियम से संबंधित मुकदमा भी दर्ज होना बताया गया है। अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
*पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: सात पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, सभी निलंबित*
*11 मौतों के बाद बड़ी कार्रवाई, नौशाद की अवैध पटाखा गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप; पिपरी से चायल चौकी तक तैनात रहे पुलिसकर्मी जांच के घेरे में*
कौशाम्बी। पिपरी थाना क्षेत्र के चिल्ला शाहबाजी गांव में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के दौरान हुए भीषण विस्फोट में 11 लोगों की मौत और पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पुलिस महकमे पर बड़ी कार्रवाई हुई है। मुख्य आरोपी नौशाद अली की अवैध गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई न करने और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के मामले में सात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
प्रेस नोट के मुताबिक प्रयागराज परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक के स्तर से की गई कार्रवाई में पिपरी थाने में अलग-अलग समय पर थाना प्रभारी रहे अधिकारियों के साथ चायल चौकी पर तैनात रहे कई उपनिरीक्षकों को भी निलंबित किया गया है। कार्रवाई की जद में आने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर विभागीय स्तर पर गंभीरता से जांच की जा रही है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में निरीक्षक शिवचरण राम, पूर्व थाना प्रभारी पिपरी, उपनिरीक्षक विकास सिंह, निवर्तमान थाना प्रभारी पिपरी, उपनिरीक्षक विनय सिंह, वर्तमान थानाध्यक्ष चरवा एवं तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, उपनिरीक्षक अजीत कुमार सिंह, चौकी प्रभारी महगांव एवं तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता, चौकी प्रभारी सिराथू सैनी एवं तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल, उपनिरीक्षक मनीष पाल, चौकी प्रभारी विदहा एवं तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल तथा उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी, पुलिस लाइन्स एवं तत्कालीन चौकी प्रभारी चायल शामिल हैं।
चिल्ला शाहबाजी गांव में पटाखा निर्माण और भंडारण के दौरान हुए विस्फोट ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया था। तेज धमाके के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 11 लोगों की जान चली गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए। राहत और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घटना के बाद अवैध पटाखा कारोबार और विस्फोटक सामग्री के भंडारण को लेकर कई गंभीर सवाल उठे।
हादसे के बाद पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी नौशाद अली को भी गिरफ्तार किया। पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के साथ ही अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्थान पर बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था, वहां लंबे समय तक गतिविधियां कैसे चलती रहीं। विस्फोट के बाद पुलिस की स्थानीय स्तर पर निगरानी और सूचना तंत्र पर भी सवाल खड़े हुए। इसी को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने पूर्व में तैनात रहे पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।
सात पुलिसकर्मियों के निलंबन से साफ है कि शासन और पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। विभागीय जांच में यदि अन्य स्तर पर भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो आने वाले दिनों में कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है और अवैध पटाखा कारोबार से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।
कार्रवाई करने वाली टीम में थाना करारी पुलिस और एसओजी पुलिस टीम शामिल रही। मामले में पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।










