पांच साल में ही जर्जर हुई पीडब्ल्यूडी की सड़क, गड्ढों में तब्दील 300 मीटर का मार्ग

पांच साल में ही जर्जर हुई पीडब्ल्यूडी की सड़क, गड्ढों में तब्दील 300 मीटर का मार्ग

अनवरुल हक सिद्दीकी गर्ल्स इंटर कॉलेज रसूलपुर टप्पा क़ो जाने वाले छात्र-छात्राओं की जान जोखिम में, आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार अधिकारी?

श्रवण तिवारी कौशाम्बी। नेवादा ब्लॉक क्षेत्र के रसूलपुर टप्पा गांव स्थित अनवरुल हक सिद्दीकी गर्ल्स इंटर कॉलेज को जाने वाली पीडब्ल्यूडी विभाग की लगभग 300 मीटर लंबी सड़क बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से छात्र-छात्राओं का आवागमन मुश्किल हो गया है।आरोप है कि निर्माण के महज पांच साल बीतने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन इस जर्जर मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। सड़क में बने गहरे गड्ढों के कारण विद्यार्थियों के गिरकर चोटिल होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सड़क की बदहाल स्थिति के चलते अभिभावकों और स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप कराया गया था, तो महज पांच साल में सड़क गड्ढों में कैसे तब्दील हो गई क्या संबंधित अधिकारियों ने निर्माण के बाद सड़क की गुणवत्ता और उसकी स्थिति का निरीक्षण किया यदि सड़क क्षतिग्रस्त थी, तो समय रहते मरम्मत क्यों नहीं कराई गई स्थानीय लोगों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग की जिम्मेदारी केवल सड़क बनवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर मरम्मत कराना भी विभाग का दायित्व है। ऐसे में संबंधित अभियंताओं और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच होना जरूरी है। साथ ही, निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार की भूमिका की भी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सड़क की दुर्दशा के वास्तविक कारणों का पता चल सके। गड्ढों में तब्दील सड़क को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या पीडब्ल्यूडी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगे क्या सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी? या फिर छात्र-छात्राएं इसी बदहाल रास्ते से गुजरने को मजबूर रहेंगे? स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि सड़क का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराकर उसकी गुणवत्ता की जांच की जाए और जल्द से जल्द मरम्मत अथवा आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण कराया जाए। ताकि कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके। अब देखना यह है कि पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचते हैं या फिर विद्यार्थियों की परेशानी यूं ही बनी रहती है।

Up Fight Times
Author: Up Fight Times

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