विधिक सेवा शिविर में 1870 लोगों को मिला योजनाओं का लाभ

 

**विधिक सेवा शिविर में 1870 लोगों को मिला योजनाओं का लाभ**

कौशाम्बी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायालय परिसर में रविवार को वृहद मेगा कैंप लगा। शिविर में विभिन्न विभागों के स्टालों के जरिये 1870 पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। मौके पर प्रमाणपत्र, स्वीकृति पत्र और सहायक उपकरण बांटे गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश बद्री विशाल पाण्डेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि शिविर का मकसद केवल योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, अधिकार और सरकारी सुविधाएं पहुंचाना है। न्याय तभी सार्थक है, जब वह सबसे कमजोर और वंचित तक पहुंचे। गरीब को उसका हक दिलाना, जरूरतमंद को योजना का लाभ दिलाना और पीड़ित को कानूनी मदद देना भी न्याय का ही रूप है।

प्राधिकरण की सचिव प्रिया सिंह ने स्वागत करते हुए शिविर के उद्देश्यों की जानकारी दी। समाज कल्याण विभाग के एडीओ कपिल देव त्रिपाठी ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि अंतिम पायदान के व्यक्ति को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता देना भी है। उन्होंने सामूहिक विवाह, वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति और दिव्यांगजन सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।

श्रम विभाग की किरण चौरसिया ने श्रमिकों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और पात्रता के अनुसार पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने निर्माण श्रमिकों की योजनाओं के साथ ई-श्रम कार्ड, श्रम योगी मानधन और सुरक्षा बीमा योजना के बारे में बताया। मजदूरी न मिलने या शोषण होने पर संबंधित विभाग में शिकायत करने की सलाह दी गई।

पुलिस विभाग की उपनिरीक्षक विंध्यवासिनी ने महिलाओं और बालिकाओं को सोशल मीडिया से होने वाले साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी से बचने के उपाय बताए। मिशन शक्ति केंद्र के जरिये घरेलू हिंसा, दहेज प्रतिषेध और कार्यस्थल पर उत्पीड़न से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई। महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस सहायता 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला पावर हेल्पलाइन 1090 की भी जानकारी दी गई।

महिला एवं बाल कल्याण विभाग की अंजू द्विवेदी ने मिशन शक्ति, कन्या सुमंगला, मातृ वंदना और मिशन वात्सल्य जैसी योजनाओं के बारे में बताया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय सिंह ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की नींव हैं। उन्होंने आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा और मिशन इंद्रधनुष जैसी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

शिविर में न्यायिक अधिकारियों ने लाभार्थियों को मौके पर ही स्वीकृति पत्र और किट दिए। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से 4 ट्राईसाइकिल, 3 व्हीलचेयर, 2 स्मार्टकेयर और 2 एमआर किट दी गईं। मत्स्य विभाग ने 2 लाभार्थियों को मोपेड और 4 को किट दी। राजस्व विभाग ने 4 लाभार्थियों को डमी चेक सौंपे, जिनकी राशि खातों में भेजी जा चुकी है।

कृषि विभाग ने 18 लाभार्थियों को किट और 4 को बीज व स्प्रिंकलर वितरित किए। महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने 12 लोगों को प्रमाणपत्र दिए। पंचायती राज विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत 25 लाभार्थियों को शौचालय स्वीकृति पत्र दिए। अग्रणी जिला प्रबंधक ने 23 लाभार्थियों को प्रमाणपत्र बांटे।

आयुष्मान योजना में 5 लोगों को कार्ड मिले। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 6, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से 15 और श्रम विभाग से 11 लाभार्थियों को लाभ दिया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 5 लोगों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र मिले।

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, न्यायालय स्टाफ, अधिकार मित्र और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। मंच संचालन चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमित मिश्रा और डॉ. नरेन्द्र दिवाकर ने किया। अपर जिला न्यायाधीश प्रथम रमेश ने आभार जताया।

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Author: Up Fight Times

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