यूपीफाइट टाइम्स कमलाशंकर मिश्र।
मलिहाबाद लखनऊ।सहिमाबाद के निजी स्कूल संचालको की मनमानी बच्चों और अभिभावकों पर भारी पड़ रही है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2023 में स्कूल मे दाखिल हुये दो छात्रों को अपनी पढाई बीच में ही बंद करनी पड़ रही है। पीडित अभिभावक का कहना है कि खण्ड शिक्षाधिकारी मलिहाबाद से न्याय की गुहार लगाने के बाद भी कोई फायदा नही मिला। शनिवार को मलिहाबाद तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर फिर गुहार लगाई है।
मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के सहिमाबाद गांव निवासी मजदूर सुमेर की पत्नी नीतू ने प्रार्थना पत्र देते हुये बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत वर्ष 2023 मे उनके दो बच्चों दिब्यांश और लकी का दाखिला गांव के ही महाबली मेमोरियल इण्टर कालेज में हुआ था। आरोप है कि तब से बच्चे वही पढ़ रहे थे। किन्तु दिसम्बर 2025 में स्कूल संचालक द्वारा 25000 रूपये बकाया फीस देने की माँग की। जब उनसे पूछा गया तो स्कूल संचालक ने कहा कि हम कोई आरटीआई नही मानते। यह कहते हुये उन्होंने दोनों बच्चों को स्कूल से निकाल दिया।
इस सम्बन्ध मे स्कूल संचालिका पदमावती रावत का कहना है कि दोनों बच्चों के फार्म जमा न हो पाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। अगले सत्र से उनका दाखिला कर लिया जायेगा। फिलहाल वह अपने बच्चों को घर मे बैठाये। एसडीएम मलिहाबाद द्वारा खण्ड शिक्षाधिकारी मलिहाबाद को मामले की जाँच कर आवश्यक कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये है।









