बाराबंकी डीएम के हस्तक्षेप से 35 साल पुराना चकबंदी वाद सुलझा।

बाराबंकी डीएम के हस्तक्षेप से 35 साल पुराना चकबंदी वाद सुलझा।

 

*मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप त्वरित न्याय पर प्रशासन का फोकस।*

 

 

रोहित कुमार बाराबंकी

 

*आवेदक को मिला न्याय, प्रशासन के प्रति जताया आभार।*

 

बाराबंकी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त एवं परिणामोन्मुखी मंच बनता जा रहा है, जहां प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उसका त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।

 

जनसुनवाई में प्रस्तुत पहला प्रकरण ग्राम गोबरहा (गौरसादिकपुर) परगना देवा, तहसील नवाबगंज निवासी श्रीमती तारावती उर्फ लीलावती से संबंधित था, जो विगत 35 वर्षों से चकबन्दी न्यायालय में लंबित चला आ रहा था।आवेदिका द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि वर्षों से प्रकरण लंबित होने के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संबंधित पीठासीन अधिकारी चकबन्दी अधिकारी सदर प्रथम को तलब कर प्रकरण का गुण-दोष के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में अधिकारी द्वारा त्वरित सुनवाई करते हुए प्रकरण का निस्तारण कर दिया गया, जिससे वर्षों पुराना विवाद समाप्त हो सका।

 

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण न्याय उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई आमजन की समस्याओं के समाधान का एक सशक्त माध्यम है तथा प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं न्यायसंगत निस्तारण सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी के क्रम में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब कदापि स्वीकार नहीं किया जाए।

Up Fight Times
Author: Up Fight Times

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