*’हर घर जल’ योजना में घोटाले की बू, ___गांव प्यासे — ठेकेदार मालामाल, जिम्मेदार बेखबर
*ग्रामीणों को योजना से लुभाने वाले जनप्रतिनिधि व्यस्त*
फतेहपुर जनपद के देवमई ब्लॉक क्षेत्र नहरामऊ गांव से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल’ योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। जिन गांवों को शुद्ध पेयजल का सपना दिखाया गया था, वहां आज भी ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
ग्रामीण बाबूराम बलराम अवधेश सोनू शिव सिंह प्रियांशु राम विशाल ग्राम प्रधान बृजेश कुमार सहित सैकड़ो ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। कहीं पानी की टंकियां अधूरी पड़ी हैं, तो कहीं पाइपलाइन बिछाने के बाद उन्हें ही गायब कर दिया गया। कई स्थानों पर पाइपलाइन सूखी पड़ी है, नल लगे हैं लेकिन उनमें पानी नहीं आता।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से जमकर बंदरबांट हुई। निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताएं बरती गईं और गुणवत्ता को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। काम अधूरा छोड़कर ठेकेदार मौके से फरार हो गए, जबकि जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं।
वहीं जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। चुनाव के दौरान इसी योजना का ढोल पीटकर जनता को लुभाने वाले नेता अब चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही, और अधिकारी सिर्फ कागजों में ही योजना को सफल दिखा रहे हैं।
गांवों में हालात ऐसे हैं कि महिलाएं और बच्चे दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर हैं। गर्मी बढ़ने के साथ संकट और गहराता जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि ‘हर घर जल’ योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच सके।
*अब बड़ा सवाल यही है*— आखिर कब तक प्यासे रहेंगे गांव,के लोग और कब जागेगा प्रशासन?
क्या लापरवाह ठेकेदार और अफसर पर होगी कार्यवाही?







