कौशाम्बी: डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर अपराधी अब आपके लालच और अनभिज्ञता का फायदा उठाकर घर बैठे आपकी जेब साफ कर रहे हैं। ताजा मामला पश्चिम शरीरा कस्बे के पूरब शरीरा से सामने आया है, जहां एक शातिर ठग ने मनोज कुमार नामक व्यक्ति को झांसा देकर उनके बैंक खाते से ₹51,999 पार कर दिए।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
मनोज कुमार का खाता एक्सिस बैंक की मंझनपुर शाखा में है। वारदात की शुरुआत 26 दिसंबर 2025 की दोपहर को हुई। दोपहर करीब 3:18 बजे मनोज के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। ठग ने बेहद आत्मविश्वास के साथ बात करते हुए मनोज को भरोसा दिलाया कि वह उनके खाते में पैसे जमा करने वाला है।
पैसे ‘भेजने’ के नाम पर ठग ने व्हाट्सएप पर एक QR कोड (स्कैनर) भेजा और कहा कि इसे स्कैन करते ही पैसे सीधे खाते में आ जाएंगे। मनोज झांसे में आ गए और जैसे ही उन्होंने स्कैनर को स्कैन किया, उनके खाते से पैसे आने के बजाय कटना शुरू हो गए।
दो किस्तों में साफ हुई गाढ़ी कमाई
ठगों ने बड़ी चालाकी से दो बार में पूरी रकम निकाली:
पहली किस्त: ₹26,000
दूसरी किस्त: ₹25,999
कुल नुकसान: ₹51,999
पुलिस की कार्रवाई और साइबर सेल का रुख
झटके के तुरंत बाद पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन तकनीकी पेचीदगियों के कारण पैसे होल्ड नहीं हो सके। थक-हारकर मनोज ने पश्चिम शरीरा थाने में न्याय की गुहार लगाई। थाना प्रभारी हरीश तिवारी ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और साइबर सेल की मदद से आरोपी के लोकेशन और बैंक ट्रांजेक्शन की कुंडली खंगाली जा रही है।
”हम मामले की तह तक जा रहे हैं। डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए आरोपी को पकड़ने का प्रयास जारी है।” > — हरीश तिवारी, थाना प्रभारी
⚠️ सबक: याद रखें ये बातें
यह घटना हर उस व्यक्ति के लिए एक चेतावनी है जो ऑनलाइन लेनदेन करता है। पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी QR कोड स्कैन करने या PIN डालने की जरूरत नहीं होती।
अज्ञात नंबर से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
बैंक अधिकारी बनकर बात करने वाले किसी भी व्यक्ति को अपनी गोपनीय जानकारी न दें।









