– फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन अनिवार्य दृ डीपी पाल
– सीएमओ डॉ. भूपेश द्विवेदी की मौजूदगी में शुरू हुआ अभियान
अश्विनी श्रीवास्तव
चित्रकूट।राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल ने फाइलेरिया की दवा का सेवन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक घातक एवं जानलेवा बीमारी है, जिससे बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय दवा का नियमित सेवन है।
विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीडीओ ने जनपदवासियों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीमों के माध्यम से गांव-गांव और घर-घर जाकर जो दवा खिलाई जा रही है, उसका सभी लोग सेवन करें तथा अपने परिवार को भी फाइलेरिया से सुरक्षित रखें। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा 10 फरवरी से राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश को इस बीमारी से पूर्णतः मुक्त करना है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार 10 से 28 फरवरी तक जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित 680 से अधिक आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीमें तथा 129 सुपरवाइजर मिलकर जनपद की 7 लाख 80 हजार से अधिक आबादी को फाइलेरिया की दवा का सेवन कराएंगे। कहा कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और फाइलेरिया से बचाव का एकमात्र प्रभावी विकल्प है। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को दवा का सेवन अवश्य करना चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ जी.आर. रतमेले, जिला मलेरिया अधिकारी लाल साहब सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी आर.के. सिंह, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक रोहित व्यास, मलेरिया निरीक्षक ज्योति सिंह, प्रगति चंदेल सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।









