फतेहपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर गुरुवार को फतेहपुर के हाइडिल कॉलोनी में बिजली कर्मियों और जूनियर इंजीनियरों ने निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के खिलाफ जोरदार हुंकार भरी। विरोध सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने दो टूक कहा कि पावर सेक्टर का निजीकरण न केवल कर्मचारियों, बल्कि किसानों और आम उपभोक्ताओं के हितों पर भी सीधा प्रहार है। समिति के सह-संयोजक लवकुश कुमार ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी कि यदि निजीकरण की प्रक्रिया रद्द नहीं की गई या टेंडर जारी किए गए, तो प्रदेश भर के बिजली कर्मी ‘सामूहिक जेल भरो आंदोलन’ शुरू करेंगे। यही नहीं, संसद में बिल पारित करने के प्रयास पर देशव्यापी ‘लाइटनिंग एक्शन’ की भी धमकी दी गई है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण और पुरानी पेंशन बहाली जैसी प्रमुख मांगें उठाईं। इस निर्णायक संघर्ष के संकल्प में पंकज कुशवाहा, कमलेश कुमार, रतन मिश्र और अतुल सिंह सहित भारी संख्या में बिजली कर्मी एकजुट रहे।









