*फतेहपुर, (ब्यूरो रिपोर्ट):* ललौली थाना क्षेत्र का बहुआ कस्बा सोमवार शाम उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब एक तीन मंजिला मकान में हुए भीषण गैस सिलेंडर विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनी गई और लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें कानपुर रेफर किया गया है। मौके से फटा हुआ सिलेंडर और दो कमर्शियल गैस सिलेंडर मिलने से मकान के अंदर अवैध रूप से यूनानी व होम्योपैथिक दवाओं के निर्माण और थोक व्यापार का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
यह दिल दहला देने वाली घटना सोमवार शाम करीब तीन बजे डॉ. जमील अहमद कुरैशी के बहुआ स्थित आवास पर हुई। बताया जा रहा है कि मकान के अंदर बड़े पैमाने पर यूनानी और होम्योपैथिक दवाइयां तथा तेल तैयार किए जा रहे थे। अचानक हुए इस विस्फोट ने पूरे मकान को आग के विकराल लपटों में घेर लिया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह करीब दो घंटे तक धधकती रही और पूरे मकान को भारी क्षति पहुंची।
*पांच जिंदगियां आग की भेंट चढ़ीं, हालत गंभीर*
इस अग्नितांडव में डॉ. जमील अहमद कुरैशी (65 वर्ष), उनके पुत्र अकील अहमद (28 वर्ष), उजैफा (13 वर्ष), आबू सहमा (15 वर्ष, पुत्र मन्नान कुरैशी) और बुशरा नामक एक महिला बुरी तरह झुलस गईं। स्थानीय लोगों ने जान की परवाह न करते हुए साहस दिखाया और आग बुझाने के साथ-साथ घायलों को निकालने में मदद की। सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया गया है।
*अवैध धंधे का भंडाफोड़: दवा निर्माण का संदेह*
पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को मौके से एक फटा हुआ घरेलू गैस सिलेंडर और दो कमर्शियल गैस सिलेंडर मिले हैं, जो मकान के अंदर चल रही गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। सूत्रों के अनुसार, डॉ. जमील अहमद कुरैशी, जो मूल रूप से लालगंज रायबरेली के रहने वाले हैं और करीब 20 साल पहले बहुआ में आकर बस गए थे, बहुआ पोस्ट ऑफिस के नीचे ‘न्यू किरण फार्मेसी’ के नाम से होम्योपैथिक दवाओं का व्यवसाय करते थे। लेकिन मकान के अंदर दवाओं का निर्माण और थोक व्यापार के लिए तेल तैयार करने का काम भी चल रहा था, जिस पर अब प्रशासन की पैनी नजर है।
*उच्चाधिकारियों ने संभाला मोर्चा, जांच जारी*
सूचना मिलते ही ललौली पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा की टीम मौके पर पहुंची और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर इंस्पेक्टर जसवीर सिंह, तहसीलदार अमरेश सिंह, एसडीएम अनामिका श्रीवास्तव और सीईओ जयवीर सिंह जैसे उच्चाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्यों की निगरानी की।
फिलहाल, प्रशासन पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है। सिलेंडर विस्फोट किन कारणों से हुआ और मकान के अंदर किस तरह की संवेदनशील गतिविधियां संचालित हो रही थीं, इसकी विस्तृत पुष्टि अभी नहीं की गई है। लेकिन यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध कारोबार पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









