कोरांव में चतुर्थ दिवस पर गूंजा मंगलध्वनि,मिश्रपुर की धरती पर सजी दिव्य छटा

प्रयागराज। कोरांव क्षेत्र के मिश्रपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर कथा स्थल भक्ति और उल्लास के रंग में सराबोर नजर आया। जैसे ही कथा व्यास योगेश कुमार त्रिपाठी ने श्रीराम जन्मोत्सव का पावन प्रसंग प्रारंभ किया, पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के अवतरण का जीवंत वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। राजा दशरथ के महल की प्रसन्नता, माताओं की अश्रुधारा और देवताओं की पुष्पवृष्टि का सजीव चित्रण श्रोताओं के हृदय को छू गया।

इसके पश्चात श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही वातावरण गोकुलमय हो गया। मथुरा की कारागार से लेकर नंदगांव तक की कथा के मनोहारी वर्णन पर श्रद्धालु आनंद से झूम उठे। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठा और ऐसा प्रतीत हुआ मानो गोकुल की वंशी की मधुर धुन वातावरण में घुल गई हो।

कथा के दौरान कुलगुरु प्रभात मिश्र एवं कुल आचार्य शिवकुमार तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनके सान्निध्य से आयोजन को विशेष आध्यात्मिक ऊंचाई मिली। मुख्य श्रोता राम सजीवन मिश्र (पूर्व प्रधान) श्रद्धाभाव से कथा श्रवण करते रहे।

चतुर्थ दिवस का यह पावन आयोजन कोरांव क्षेत्र के लिए एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभव बन गया। कथा स्थल पर भक्ति, उल्लास और श्रद्धा की त्रिवेणी प्रवाहित होती रही। श्रीराम और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के मंगलमय प्रसंगों ने यह संदेश दिया कि जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब ईश्वर स्वयं अवतार लेकर भक्तों का उद्धार करते हैं।

कथा में मुख्य रूप से गीता ज्ञान एकेडमी के संरक्षक रमेश प्रसाद मिश्र, हरीशंकर मिश्रा, राधेकृष्ण तिवारी, रामायण प्रसाद मिश्र, अनिल विश्वकर्मा, मंगला प्रसाद मिश्र, गुलाब शंकर मिश्रा, बालमुकुंद मिश्रा, रजनीश मिश्रा, श्रीकांत गौतम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Up Fight Times
Author: Up Fight Times

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