छठवें दिन रुक्मिणी विवाह प्रसंग से भावविभोर हुए श्रद्धालु

संवाददाता निहाल शुक्ला 

सरसवाँ (कौशांबी)। बक्सी का पूरा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का छठवां दिन मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा पंडाल में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरा वातावरण “राधे-राधे” तथा “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष से गुंजायमान रहा।

कथा व्यास सुभाष जी महाराज ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता रुक्मिणी ने मन, वचन और कर्म से भगवान श्रीकृष्ण को अपना पति स्वीकार कर लिया था। जब उनके भाई रुक्मी ने इस दिव्य विवाह को रोकने के लिए अनेक प्रयास किए, तब भी अटूट प्रेम और सच्ची भक्ति के आगे सभी बाधाएं स्वतः समाप्त हो गईं।

कथावाचक ने कहा कि जब श्रद्धा सच्ची हो और विश्वास अडिग हो, तो स्वयं भगवान भक्त के संकल्प की रक्षा करते हैं। रुक्मिणी विवाह प्रसंग हमें यही संदेश देता है कि भक्ति में दृढ़ता और प्रेम में पवित्रता हो तो जीवन की हर बाधा दूर हो जाती है।

कार्यक्रम के यजमान नित्यकिशोर तिवारी रहे। आयोजन की समस्त व्यवस्था ओमप्रकाश तिवारी एवं तिवारी परिवार द्वारा की गई। इस अवसर पर भास्कर तिवारी, समाजसेवी सुनील तिवारी, राजू तिवारी (पैड वादक), राजन द्विवेदी, शुभम तिवारी, हर्ष तिवारी, अंश तिवारी सहित क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कथा के अंत में आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने आयोजन की सराहना की।

Up Fight Times
Author: Up Fight Times

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