*बलवान सिंह बाराबंकी* *
बाराबंकी।
खुशियों से भरा आंगन शनिवार शाम अचानक मातम में बदल गया। सन्दूपुर गांव में खेलते-खेलते एक मासूम की जिंदगी उस समय थम गई, जब वह पानी से भरे एक छोटे से टब में गिर पड़ा। यह हादसा सिर्फ एक परिवार ही नहीं, पूरे गांव के दिल को झकझोर गया।
दो साल का आरव, जो कुछ देर पहले तक आंगन में खिलखिलाकर खेल रहा था, अब हमेशा के लिए खामोश हो चुका है। घर के लोग पास ही थे, लेकिन किसे पता था कि कुछ ही पलों की लापरवाही इतनी बड़ी त्रासदी बन जाएगी। खेलते-खेलते वह नल के पास रखे पानी से भरे टब तक पहुंचा और अनजाने में उसमें गिर गया।
जब काफी देर तक आरव दिखाई नहीं दिया, तो परिजनों की बेचैनी बढ़ने लगी। तलाश शुरू हुई, लेकिन जो दृश्य सामने आया, उसने सबको अंदर तक तोड़ दिया। मासूम टब में अचेत पड़ा मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस खबर के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे, जबकि पिता गहरे सदमे में हैं। एक नन्ही सी जान, जो अपनी छह माह की बहन के साथ घर की रौनक थी, अब सिर्फ यादों में रह गई है।
यह घटना एक कड़वा सच भी छोड़ गई—कभी-कभी एक छोटी सी असावधानी जिंदगी भर का दर्द बन जाती है। पानी से भरे छोटे बर्तन भी बच्चों के लिए खतरा बन सकते हैं। जरूरत है कि हम हर पल सतर्क रहें, ताकि किसी और आंगन की खुशियां यूं मातम में न बदलें।









