प्रयागराज में फर्जी पत्रकारों पर शिकंजा, पुलिस का अभियान तेज

 

मीडिया के नाम पर वसूली और दबाव बनाने वालों की पहचान के लिए तीन जोन में कमेटियां गठित

 

यूपी फाइट टाइम्स

प्रयागराज। जनपद में फर्जी पत्रकारों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए अभियान तेज कर दिया है। मीडिया कर्मियों के भेष में अपराध करने और लोगों पर धौंस जमाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह पहल प्रयागराज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वेलफेयर क्लब की शिकायत के बाद शुरू हुई है।मामले की शुरुआत उस समय हुई जब क्लब के वरिष्ठ सदस्य एवं एक निजी चैनल के रिपोर्टर मो. गुफरान के साथ कवरेज के दौरान कथित पत्रकार रईस अहमद ने अभद्रता की। इस घटना के बाद क्लब पदाधिकारियों ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शाहगंज क्षेत्र में रईस अहमद और उसके भाई के खिलाफ कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि रईस पर पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह चोरी के मामले में जेल भी जा चुका है।इसी क्रम में सिविल लाइंस पुलिस ने सोमराज वर्मा नामक एक अन्य कथित पत्रकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि वह खुद को मीडियाकर्मी बताकर लोगों पर दबाव बनाता था। वह सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के साथ एडिटेड तस्वीरें साझा कर खुद को वरिष्ठ पत्रकार के रूप में प्रस्तुत करता था।पुलिस के अनुसार, सोमराज वर्मा के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। हाल ही में उसने पुलिस लाइन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अन्य पत्रकारों से अभद्रता की थी और सिविल लाइंस क्षेत्र में क्लब अध्यक्ष को धमकी भी दी थी।पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शहर, गंगानगर और यमुनानगर—तीनों जोन में विशेष जांच कमेटियां गठित की गई हैं। ये टीमें फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, यूट्यूबर और स्वयंभू पत्रकारों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगी।लगातार हो रही कार्रवाई से उन लोगों में हड़कंप मचा हुआ है जो माइक आईडी और प्रेस का नाम लेकर अवैध वसूली और दबाव बनाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने साफ किया है कि अब थाने स्तर पर भी ऐसे लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।इधर, जनपद के पत्रकारों ने भी एकजुट होकर मांग की है कि मीडिया की साख को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखा जाए।

Up Fight Times
Author: Up Fight Times

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