प्रयागराज। वर्ष 1987 में जमीनी विवाद के चलते हुई हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए आरोपी धुरई को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। सर्वोच्च न्यायालय ने उसकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे अंतरिम राहत प्रदान की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना कोपागंज क्षेत्र के ग्राम इटौरा डारीपुर में वर्ष 1987 में जमीन विवाद के दौरान एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जिला सत्र न्यायालय ने चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।सजा के खिलाफ अभियुक्तों ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने वर्ष 2018 में अपील को निरस्त कर दिया था। इसके बाद आरोपी धुरई ने वर्ष 2026 में उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद धुरई की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत में आरोपी की ओर से अधिवक्ता संजीव गुप्ता और शिवम सिंह ने प्रभावी पक्ष रखा।इस आदेश के बाद संबंधित पक्षों में कानूनी हलचल तेज हो गई है और आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।









