मानसिक मंदित आश्रय गृह में फर्जी नियुक्तियों का खुलासा, संविदाकर्मियों से लाखों की वसूली का आरोप

 

अश्विनी श्रीवास्तव

चित्रकूट। जिले में स्थित राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्र एक बड़े घोटाले को लेकर चर्चा में है। यहां संविदा कर्मियों की फर्जी नियुक्तियों का मामला सामने आया है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

सूत्रों के अनुसार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संविदा पर नियुक्त किए गए कर्मचारियों से कथित तौर पर प्रति व्यक्ति पांच-पांच लाख रुपये की वसूली की गई। यह आरोप सामने आने के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।

 

जानकारी के मुताबिक, कई अभ्यर्थियों की नियुक्ति फर्जी डिग्रियों के आधार पर की गई। इतना ही नहीं, नियुक्ति प्रक्रिया में आवश्यक नियमों की अनदेखी करते हुए पुलिस विभाग से चरित्र प्रमाण पत्र तक नहीं लिया गया। इससे यह आशंका और गहरा गई है कि बिना उचित जांच-पड़ताल के लोगों को नौकरी दी गई।

 

चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि कुछ नियुक्तियों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को भी शामिल किया गया है। इस पूरे प्रकरण ने विभाग की पारदर्शिता और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

 

मामले के उजागर होने के बाद स्थानीय स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है। आमजन और सामाजिक संगठनों ने ईमानदार छवि वाले जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।

Up Fight Times
Author: Up Fight Times

और पढ़ें
और पढ़ें