फतेहपुर/ बिन्दकी विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के महान पुरोधा, राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिराव फुले जी की जयंती बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर ग्राम असवार तारापुर में एक भव्य कार्यक्रम एवं विशाल जनसभा का आयोजन बड़े भाई चंद्रभान यादव जी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, बुजुर्ग एवं आम जनमानस ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें उपस्थित प्रमुख अतिथियों ने महात्मा ज्योतिराव फुले जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने अपने संबोधन में फुले जी के जीवन, उनके संघर्षों, समाज सुधार के प्रति उनके योगदान तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फुले जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों, जातिगत भेदभाव और अशिक्षा के खिलाफ आवाज उठाई और शिक्षा को हर वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया।
इस आयोजन में एडवोकेट उपेंद्र कुमार गौतम,दीपक देहाती जी, निरंजन वर्मा जी, सोनू वालिया जी, अनिल गौतम जी, रमेश गौतम जी, केपी कोरी जी, मनोज गौतम सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सामाजिक एकता, शिक्षा के प्रसार और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के पश्चात एक विशाल रैली निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र में सामाजिक चेतना का संदेश फैलाया। यह रैली ग्राम असवार तारापुर से प्रारंभ होकर बादलपुर, मोहनखेड़ा, भादबा, करसावां, झाऊ मेदनीपुर, हरसिंगपुर, सहिली, ठेठौरा, दुर्गेई सहित कई गांवों से होकर गुजरी। रैली के दौरान लोगों ने जोश और उत्साह के साथ नारे लगाए तथा शिक्षा और समानता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
रैली में शामिल युवाओं और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। जगह-जगह ग्रामीणों ने रैली का स्वागत किया और इस आयोजन की सराहना की। इस दौरान सामाजिक समरसता, भाईचारा और शिक्षा के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
पूरे कार्यक्रम और रैली ने यह संदेश दिया कि महात्मा ज्योतिराव फुले जी के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। समाज में बदलाव लाने के लिए शिक्षा और जागरूकता ही सबसे बड़ा माध्यम है, और इसी दिशा में ऐसे आयोजन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की बात कही। यह आयोजन न केवल एक श्रद्धांजलि था, बल्कि समाज को जागरूक और संगठित करने की दिशा में एक सशक्त कदम भी साबित हुआ।









