महात्मा गांधी के सम्मान में सड़क पर उतरे कांग्रेसी, मनरेगा का नाम बदलने पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
कौशाम्बी। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदले जाने की चर्चाओं के विरोध में गुरुवार को कौशाम्बी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया। मंझनपुर स्थित जिला मुख्यालय से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक कांग्रेसियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा महात्मा गांधी के नाम से डरती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसी गरीब हितैषी योजना का नाम बदलकर सरकार गरीबों के अधिकारों को छीनने की साजिश कर रही है। गौरव पाण्डेय ने आगे कहा कि वर्तमान सरकार केवल चंद उद्योगपतियों के इशारे पर काम कर रही है और जाति-धर्म की राजनीति में उलझकर बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
वरिष्ट उपाध्यक्ष राजेंद्र त्रिपाठी ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग को याद करते हुए उन्हें राष्ट्र की आत्मा बताया। वहीं जिला उपाध्यक्ष नैय्यर रिजवी ने मनरेगा की कानूनी गारंटी पर जोर देते हुए कहा कि रोजगार का अधिकार जनता का हक है, जिसे नाम बदलने के खेल से खत्म नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस नेता राम सूरत रैदास ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 2 अक्टूबर 2009 को लागू हुई इस ऐतिहासिक योजना और गरीबों के हक की लड़ाई अब सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी।
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व प्रदेश सचिव रामबहादुर त्रिपाठी, श्याम मूर्ति त्रिपाठी, मोहम्मद अकरम, दीपक पाण्डेय, कौशलेश द्विवेदी, सुरेंद्र शुक्ला समेत सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और महिलाएं मौजूद रहीं। कांग्रेसियों ने एक सुर में कहा कि वह सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ झुकेंगे नहीं।









