कौशाम्बी। जब पुलिस कप्तान सख्त हों, तो मातहतों का सड़क पर उतरना लाजमी है। जनपद में अमन-चैन को चुनौती देने वालों को पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने सीधा संदेश भेज दिया है। उनके निर्देश पर पश्चिम शरीरा पुलिस टीम ने भारी लाव-लश्कर के साथ मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में ‘रूट मार्च’ कर यह साफ कर दिया कि जिले में कानून से बड़ा कोई नहीं।
दहशत में ‘खुराफाती’, जनता में बढ़ा भरोसा
थानाध्यक्ष हरीश तिवारी के नेतृत्व में जब पुलिस के जूतों की धमक भीड़भाड़ वाले बाजारों और तंग गलियों में गूंजी, तो अराजक तत्वों के पसीने छूट गए। पुलिस का यह तेवर देख साफ है कि अब कौशाम्बी की गलियों में गुंडागर्दी नहीं, सिर्फ शांति का पहरा होगा। गस्त के दौरान थानाध्यक्ष ने खुद मोर्चा संभालते हुए आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और अपराधियों को चेतावनी दी।
SP का सख्त संदेश: कानून तोड़ोगे तो मरोड़े जाओगे!
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई इस पैदल गस्त का मुख्य उद्देश्य जनता के मन से भय को खत्म करना है। पुलिस टीम ने बाजारों में व्यापारियों से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि खाकी उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
”शांति व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिश्रित आबादी में गस्त का मकसद आपसी सौहार्द बनाए रखना और अराजक तत्वों के मंसूबों को कुचलना है। जनता बेखौफ रहे, पुलिस आपके साथ है।”
— हरीश तिवारी (थानाध्यक्ष, पश्चिम शरीरा)
’दमदार’ स्पेशल रिपोर्ट: पश्चिम शरीरा पुलिस की इस मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, खाकी की नजर से बच नहीं पाएगा। शहर से लेकर गांव तक, पुलिस की इस ‘पैनी नजर’ की हर तरफ चर्चा हो रही है।









