कब्जे हटाने में बरती जा रही लापरवाही
अश्विनी श्रीवास्तव
चित्रकूट।तालाबों के संरक्षण और सुंदरीकरण को लेकर सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। चित्रकूट जिले की कर्वी तहसील अंतर्गत ग्राम सुदीनपुर के माधवताला में चल रहा तालाब सुंदरीकरण कार्य कागजों में भले ही पूरा दिखाया जा रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
सूत्रों के अनुसार माधवताला स्थित करीब 18 बीघे क्षेत्रफल में फैले तालाब में ठेकेदार द्वारा महज 8 बीघे हिस्से में ही सुंदरीकरण का कार्य कराया जा रहा है। शेष करीब 10 बीघे भूमि पर वर्षों से लोगों का अवैध कब्जा बना हुआ है, जिसे हटाने की दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
– सरकार के निर्देश, फिर भी अनदेखी
उत्तर प्रदेश योगी सरकार ने तालाबों के संरक्षण को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी हाल में तालाबों से अवैध कब्जे हटाए जाएं। जिलाधिकारी स्तर से भी राजस्व विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सुदीनपुर के इस तालाब पर कब्जे हालात जस के तस बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे तालाब क्षेत्र से कब्जे हटाए जाएं तो न सिर्फ तालाब का अस्तित्व बचेगा, बल्कि गांव में जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधार में भी मदद मिलेगी।
– लेखपाल पर गंभीर आरोप
मामले में संबंधित लेखपाल की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि लेखपाल की मनमानी और मिलीभगत के चलते आज तक तालाब की जमीन से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। नाम न छापने की शर्त पर सूत्रों ने बताया कि तालाब की भूमि पर कब्जा किए लोगों से कथित तौर पर मोटी रकम की वसूली की जा रही है, जिसके चलते कार्रवाई से बचा जा रहा है।
– ग्राम प्रधान की शिकायत भी बेअसर
ग्राम प्रधान संतू देवी ने इस पूरे मामले को लेकर पहले ही उप जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में तालाब की पूरी जमीन पर सुंदरीकरण कार्य कराए जाने और अवैध कब्जे हटवाने की मांग की गई थी, लेकिन शिकायत के बावजूद न तो कब्जे हटाए गए और न ही पूरे तालाब क्षेत्र में कार्य शुरू हो सका।
– उठ रहे कई सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार और प्रशासन तालाबों को लेकर गंभीर है, तो फिर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पर कार्रवाई कब होगी? क्या अमृत सरोवर योजना भी भ्रष्टाचार और उदासीनता की भेंट चढ़ती नजर आएगी, या फिर प्रशासन इस मामले में सख्ती दिखाकर दोषियों पर कार्रवाई करेगा?
ग्रामीणों की निगाहें अब जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।









