खागा (फतेहपुर): बॉलीवुड की प्रस्तावित फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया है। फतेहपुर जिले की खागा तहसील के अधिवक्ताओं ने फिल्म के शीर्षक और पटकथा को ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपकर फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाने और फिल्म की टीम के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
ब्राह्मण समाज को बदनाम करने का आरोप
प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर बॉलीवुड लगातार एक विशिष्ट वर्ग और समाज को निशाना बना रहा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ का निर्माण समाज में विद्वेष फैलाने के उद्देश्य से किया गया है। अधिवक्ताओं ने फिल्म के अभिनेता मनोज वाजपेयी, निर्देशक रितेश शाह और निर्माता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फिल्म में पात्र का नाम ‘अजय दीक्षित’ रखकर और उसे भ्रष्ट दिखाकर जानबूझकर एक जाति विशेष की छवि धूमिल की जा रही है।
देशविरोधी ताकतों की साजिश करार
अधिवक्ताओं ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा कि वर्तमान में कुछ देशविरोधी ताकतें सुनियोजित तरीके से समाज के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करना चाहती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिल्म का प्रकाशन और प्रचार तत्काल नहीं रोका गया और फिल्म से जुड़े लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो अधिवक्ता समुदाय बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से केशचन्द्र मिश्रा, आनंद मोहन त्रिपाठी, जगत नारायण तिवारी, रामसखा द्विवेदी, अरविंद पांडे, राजेश द्विवेदी, अजय त्रिपाठी, जितेंद्र द्विवेदी, राजेश तिवारी, कृष्ण कुमार, विवेक पाठक, बलवंत सिंह, आशुतोष पांडे, कृष्णकांत त्रिवेदी, अंशुमान शुक्ला, धर्मेंद्र सिंह, इंदल सिंह, महेश सिंह, अनूप कौशल, दुर्गेश अवस्थी, राहुल तिवारी, लक्ष्मीकांत अवस्थी, यूसुफ सिद्दीकी, इंद्रेश पांडे और सुशील नारायण शुक्ला सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।









