मानवता शर्मसार! नवजात बच्ची का शव नोचते मिले कुत्ते, सरकारी अस्पताल पर उठे सवाल*

 

 

फतेहपुर। किशनपुर थाना क्षेत्र के नेहालपुर गांव के समीप आज एक अत्यंत हृदय विदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक नवजात बच्ची का क्षत-विक्षत शव लावारिस हालत में मिला, जिसे आवारा कुत्ते नोचकर खा रहे थे। इस भयावह दृश्य को जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप उठी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

 

सुबह के समय नेहालपुर गांव के कुछ ग्रामीणों ने सड़क किनारे झाड़ियों के पास कुत्तों को कुछ नोचते हुए देखा। करीब जाने पर जो मंजर सामने आया, वह किसी के भी दिल को दहला देने के लिए काफी था। आवारा कुत्ते एक नवजात बच्ची के शव को बेरहमी से नोंच रहे थे। यह देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए और उन्होंने तत्काल इसकी सूचना किशनपुर पुलिस को दी।

 

पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बड़ी मुश्किल से कुत्तों को भगाकर बच्ची के शव को अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को बच्ची के पेट पर एक ‘कॉर्ड क्लैम्प’ लगा मिला है। यह कॉर्ड क्लैम्प आमतौर पर नवजात की नाल काटने के बाद लगाया जाता है और इसकी बनावट देखकर पुलिस यह आशंका जता रही है कि यह किसी सरकारी अस्पताल का हो सकता है।

 

इस घटना के बाद से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर कौन था यह निर्मम व्यक्ति जिसने इस मासूम को जन्म देने के तुरंत बाद इस तरह मरने के लिए छोड़ दिया? क्या यह बच्ची किसी अवैध संबंध का परिणाम थी? और सबसे बड़ा सवाल यह कि अगर यह कॉर्ड क्लैम्प किसी सरकारी अस्पताल का है, तो क्या अस्पताल प्रशासन को इस नवजात के जन्म और उसके बाद के घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी? या फिर इसमें किसी अस्पतालकर्मी की मिलीभगत है?

 

थानाध्यक्ष किशनपुर ने बताया कि नवजात बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्ची मृत पैदा हुई थी या जन्म के बाद उसे मरने के लिए छोड़ दिया गया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कॉर्ड क्लैम्प के आधार पर आसपास के सरकारी अस्पतालों में नवजातों के जन्म और डिस्चार्ज के रिकॉर्ड खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू से जांच कर रहे हैं और जल्द ही इस अमानवीय कृत्य के पीछे के दोषियों को बेनकाब किया जाएगा। इस घटना ने समाज में कन्या भ्रूण हत्या और नवजातों को त्यागने जैसी कुरीतियों पर फिर से सोचने को मजबूर कर दिया है।

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Author: Up Fight Times

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