खाकी ने खोया अपना एक कर्मठ प्रहरी: जिंदगी की जंग हार गए उपनिरीक्षक राम अवध बिंद, पुलिस महकमे में पसरा मातम

पश्चिम शरीरा थाने में थी तैनाती: मेदांता में इलाज के दौरान ली अंतिम सांस, नम आंखों से दी गई विदाई

कौशाम्बी: कर्तव्य पथ पर डटे रहने वाले पुलिस विभाग के एक जांबाज साथी ने आज दुनिया को अलविदा कह दिया। पश्चिम शरीरा थाने में तैनात उपनिरीक्षक (SI) राम अवध बिंद का लंबी और असाध्य बीमारी से संघर्ष करते हुए लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर जैसे ही जिले में पहुंची, समूचा पुलिस महकमा गमगीन हो गया। नियति के इस क्रूर फैसले ने न केवल एक परिवार से उसका मुखिया छीना है, बल्कि विभाग से एक अनुभवी और सुलझा हुआ अधिकारी भी छीन लिया है।

 

मौत से हार गया जिंदगी का ‘सिपाही

जानकारी के मुताबिक, उपनिरीक्षक राम अवध बिंद पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। शरीर साथ नहीं दे रहा था, लेकिन उनका हौसला बुलंद था। स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के प्रतिष्ठित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन विधि के विधान को कुछ और ही मंजूर था। अंततः बीमारी के आगे जिंदगी घुटने टेकने पर मजबूर हो गई और उन्होंने सदा के लिए अपनी आंखें मूंद लीं।

 

मृदुभाषी स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल

स्वर्गीय राम अवध बिंद की पहचान महकमे में केवल एक दरोगा के रूप में नहीं, बल्कि एक बेहद मिलनसार और मृदुभाषी इंसान के तौर पर थी। फरियादियों की पीड़ा समझना और सहकर्मियों के साथ सामंजस्य बनाकर चलना उनकी कार्यशैली का हिस्सा था। उनके निधन से साथी पुलिसकर्मियों में गहरा सदमा है।

 

थाने में पसरा सन्नाटा, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

इस दुखद सूचना के बाद पश्चिम शरीरा थाना परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। थाने में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों की आंखें नम दिखाई दीं। वहीं, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और समाज के संभ्रांत नागरिकों ने भी इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और ढांढस बंधाया है।

 

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Author: Up Fight Times

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