कौशाम्बी में दुस्साहस: अवैध कब्जे पर सीलिंग की कार्रवाई रोकने के लिए नायब तहसीलदार और पुलिस टीम को बनाया निशाना
कौशाम्बी (सैनी)।
सैनी थाना क्षेत्र के ग्राम गौराहार (रामपुर धमावा) में शनिवार को उस समय रणक्षेत्र जैसी स्थिति बन गई जब अवैध कब्जा हटाने गई सरकारी टीम पर ग्रामीणों की भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। पत्थरबाजी और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 उपद्रवियों को दबोच लिया है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
सीलिंग की कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा
जानकारी के मुताबिक, नायब तहसीलदार सिराथू के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस टीम बंजर भूमि पर श्रीमती झुलनी देवी द्वारा किए गए अवैध कब्जे की शिकायत पर जांच करने पहुंची थी। जांच में कब्जा सही पाए जाने पर जैसे ही टीम ने अवैध रूप से निर्मित मकान को सील करने की प्रक्रिया शुरू की, तभी अचानक 15-20 लोग उत्तेजित होकर सामने आ गए।
ईंट-पत्थर से किया हमला, जान बचाकर भागी टीम
राजस्व और पुलिस टीम को देखते ही भीड़ ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते चारों तरफ से ईंट-पत्थर बरसने लगे। सरकारी गाड़ियों और कर्मचारियों को निशाना बनाकर किए गए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस टीम ने किसी तरह खुद को बचाया और उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
इन 8 ‘पत्थरबाजों’ की हुई गिरफ्तारी
घटना को गंभीरता से लेते हुए सैनी पुलिस ने घेराबंदी कर 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें शामिल हैं:
भगवती उर्फ भगौती, 2. रामहित, 3. राजेश, 4. बुधराज, 5. हीरालाल, 6. कमलेश, 7. शिव सिंह, और 8. अंगद सिंह। सभी आरोपी गौराहार मजरा रामपुर धमावा के निवासी हैं।
लगीं बीएनएस और CLA एक्ट की संगीन धाराएं
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 191(3) (दंगा), 121(1) (सरकारी कर्मचारी पर हमला), 352 (शांति भंग), और 7 सीएलए (CLA) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
एसपी का कड़ा रुख:
“सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस-प्रशासन पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पकड़े गए 8 आरोपियों के अलावा अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी।”









