श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने मोह लिया श्रद्धालुओं का मन, शाहपुर में भक्ति की बयार

 

श्रीमद्भागवत कथा: ‘मनोरंजन नहीं, धर्म और सत्य का संदेश है प्रभु की लीला’— भोला राम शास्त्री

​कौशांबी (संवाददाता, निहाल शुक्ला)।

जनपद के विकासखंड सरसवां अंतर्गत शाहपुर गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के रविवार के सत्र में भक्ति और भाव की अविरल धारा बही। कथा व्यास भोला राम शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं का ऐसा जीवंत वर्णन किया कि उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पंडाल में ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों के बीच भक्त जमकर झूमे।

​”भक्ति में सराबोर: शाहपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनते भाव-विभोर श्रद्धालु।”

अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग है कृष्ण चरित्र

कथा व्यास ने श्रीकृष्ण जन्म, पूतना वध और कालिय नाग दमन जैसी अलौकिक लीलाओं का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि प्रभु की लीलाएं केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि वे मानव जीवन को धर्म, सत्य और निस्वार्थ प्रेम का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगवान ने अवतार लेकर समाज को अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने और धर्म की स्थापना करने का संदेश दिया।

भजन-कीर्तन पर झूमे श्रद्धालु

कथा के दौरान जब बाल कृष्ण की झांकी और भजनों की प्रस्तुति हुई, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु अपनी सुध-बुध खोकर नृत्य करने लगे। मुख्य यजमान श्रीमती दुर्गावती सिंह और वंदना सिंह ने व्यास पीठ का पूजन कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ सत्र

कथा के समापन पर महाआरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद भारी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों को प्रसाद वितरित किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में अनुपम सिंह, धीरेंद्र सिंह, प्रतीक सिंह, अनुज, वैभव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे।

​”भगवान श्रीकृष्ण ने हर युग में मानव जाति को कर्म प्रधान रहने की सीख दी है। उनकी बाल लीलाएं हमें सिखाती हैं कि बुराई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सत्य और साहस के आगे उसे झुकना ही पड़ता है।”

भोला राम शास्त्री (कथा व्यास)

 

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Author: Up Fight Times

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