जनसुनवाई में तकनीक का समावेश — ऑनलाइन संवाद से फरियादियों को त्वरित राहत

 

कौशांबी। जनपद में फरियादियों की समस्याओं के त्वरित, प्रभावी एवं पारदर्शी निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार द्वारा शुरू किए गए ‘ऑनलाइन संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से अब थानों पर उपस्थित फरियादियों की शिकायतें सीधे उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही हैं।

इस अभिनव व्यवस्था के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के विभिन्न थानों, संबंधित क्षेत्राधिकारियों तथा प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्षों से ऑनलाइन माध्यम से संवाद स्थापित किया जा रहा है। संवाद के दौरान फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना जाता है तथा प्रत्येक प्रकरण का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन कर अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।

 

पुलिस अधीक्षक का विशेष जोर इस बात पर है कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण नियमानुसार एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हो, ताकि फरियादियों को अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। तकनीक के इस प्रभावी उपयोग से न केवल शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी आई है, बल्कि पुलिसिंग में जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुदृढ़ हुई है।

 

✅ पहल की प्रमुख उपलब्धियाँ

 

फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण में स्पष्ट रूप से तेजी

 

थानों पर लंबित प्रकरणों में कमी

 

अधिकारियों की जवाबदेही में वृद्धि

 

जनसुनवाई प्रक्रिया में पारदर्शिता का सशक्त समावेश

 

*आम जनमानस का पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत*

 

 

पुलिस विभाग के आंतरिक आकलनों एवं प्रशासनिक समीक्षा में यह देखा गया है कि इस पहल के लागू होने के बाद शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता और समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। फरियादियों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं में भी संतोष का स्तर बढ़ा है।

 

*📈 जिला स्तर पर सकारात्मक प्रभाव*

 

इस तकनीक-आधारित पहल के कारण जनपद कौशांबी की कार्यप्रणाली में सुधार परिलक्षित हुआ है। हालिया प्रशासनिक मूल्यांकन एवं प्रदर्शन संकेतकों में जिले की स्थिति बेहतर हुई है। शिकायत निस्तारण, जनसुनवाई और पारदर्शी पुलिसिंग से जुड़े मानकों पर कौशांबी की छवि मजबूत हुई है।

 

पुलिस अधीक्षक की यह पहल यह दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक का सही उपयोग कर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं जनहितकारी बनाया जा सकता है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि ‘ऑनलाइन संवाद’ जैसी व्यवस्था भविष्य की पुलिसिंग का एक सशक्त मॉडल बन सकती है।

Up Fight Times
Author: Up Fight Times

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