संवाददाता निहाल शुक्ला
सरसवां (कौशांबी)। विकास खंड सरसवां के शाहपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं। पंडाल में भजन-कीर्तन, शंखध्वनि और जयघोष से माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक बना रहा।
कथा व्यास भोलाराम शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति, अटूट विश्वास और दृढ़ संकल्प से जीवन की हर बाधा को पार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि रुक्मिणी ने मन, वचन और कर्म से भगवान को अपना सर्वस्व मान लिया था। जब रुक्मिणी हरण और विवाह का प्रसंग सुनाया गया तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष से गूंज उठा।
व्यास ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह पावन ग्रंथ मानव जीवन को सद्मार्ग पर चलने, सदाचार अपनाने और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। कथा के माध्यम से संस्कारों के संरक्षण और धर्म के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था रही। आयोजकों ने बताया कि कथा समापन तक प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।









