प्रयागराज। समाज में अक्सर हम संवेदनहीनता की खबरें सुनते हैं, लेकिन कभी-कभी कोई ऐसा कार्य सामने आता है जो मानवता पर विश्वास को और मजबूत कर देता है। ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण स्वरूप रानी (SRN) अस्पताल से सामने आया, जहाँ एससी-एसटी आयोग के सदस्य एवं संत शिरोमणि रविदास पीठ ट्रस्ट के संरक्षक जितेंद्र कुमार ने एक अत्यंत गरीब एवं असहाय मरीज की जान बचाने के लिए खुद रक्तदान कर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की।
मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में भर्ती एक निर्धन मरीज की हालत बेहद नाजुक थी और चिकित्सकों ने तत्काल रक्त की आवश्यकता बताई थी। आर्थिक तंगी और परिजनों की अनुपस्थिति के कारण मरीज के लिए खून का इंतजाम कर पाना लगभग नामुमकिन हो रहा था। जैसे ही इस गंभीर स्थिति की सूचना जितेंद्र कुमार तक पहुँची, उन्होंने बिना किसी औपचारिकता या विलंब के तत्काल ब्लड बैंक पहुँचने का निर्णय लिया। समय की नाजुकता को समझते हुए उन्होंने स्वयं रक्तदान किया और मरीज के लिए आवश्यक खून उपलब्ध कराया।
रक्तदान के बाद भावुक होते हुए जितेंद्र ने कहा कि “समाज के वंचित और असहाय लोगों की सेवा करना केवल नैतिक दायित्व नहीं, बल्कि मेरा प्राथमिक कर्तव्य है। यदि किसी के जीवन को बचाने में हमारा छोटा सा योगदान भी सहायक बन सके, तो इससे बड़ा कोई धर्म नहीं हो सकता।” उनके इस मानवीय कदम की डॉक्टरों और स्थानीय नागरिकों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। आज के दौर में जहाँ लोग अपने निजी हितों में व्यस्त रहते हैं, वहीं एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का यह सेवा भाव पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।









