यूपी फाइट टाइम्स कमलाशंकर मिश्र
लखनऊ।नाबालिग बच्चों को शिकार बनाने वाला एक खतरनाक गिरोह सक्रिय है, जिसका सीधा कनेक्शन एक ट्रैवल एजेंसी से जुड़ा बताया जा रहा है। ‘स्काईलाइन ट्रैवल कंपनी’ के संचालकों पर आरोप है कि वे मोटर एक्ट की धज्जियां उड़ाकर नाबालिगों को फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर बिना ड्राइवर के रेंट पर गाड़ियां उपलब्ध कराते हैं और फिर शुरू होता है वसूली और प्रताड़ना का खूनी खेल।
अपहरण कर नग्न वीडियो और दुराचार का प्रयास
परिजनों का रोंगटे खड़े कर देने वाला आरोप है कि कंपनी संचालक और उनके गुर्गे बच्चों का अपहरण कर उन्हें बंधक बना लेते हैं। बंधक बनाए गए बच्चों को नग्न कर उनके अश्लील वीडियो बनाए जाते हैं और फिर उन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उनसे भारी वसूली की जाती है। इतना ही नहीं, बच्चों के साथ दुराचार अप्राकृतिक कुकृत्य का प्रयास भी किया जाता है और उनके पास मौजूद मोबाइल, घड़ी व नकदी लूट ली जाती है।
पुलिस और आरटीओ की ‘मेहरबानी’ पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि बिना वैध दस्तावेजों के नाबालिगों को गाड़ी देने वाली इस कंपनी पर आरटीओ और पुलिस विभाग अब तक खामोश क्यों है परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि आरोपियों की पुलिस के साथ गहरी साठगांठ है। दबंगों का रसूख इतना है कि वे बच्चों को धमकाने के लिए उन्हें पुलिस चौकी तक में बंद करवा देते हैं।
पूर्व में 5 बच्चों का अपहरण, बीबीडी थाने में मुकदमा दर्ज
बीते दिन भी ऐसा ही मामला सामने आया जहाँ 5 बच्चों का अपहरण कर उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। पिटाई में बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। परिजनों की पड़ताल में सामने आया है कि कंपनी संचालकों पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। पीड़ित परिवार ने अब बीबीडी थाने में रोहित, सनी, हिमांशु, प्रज्ज्वल, शिवम, अमित, सौरभ और अन्य के खिलाफ अपहरण और लूट का मुकदमा दर्ज कराया है।
थानेदार के साथ गिफ्ट वाली फोटो वायरल
सोशल मीडिया पर पीड़ितों ने पुलिस पर तीखा हमला बोला है। आरोप है कि जिन आरोपियों को पुलिस को सलाखों के पीछे भेजना चाहिए, वही अपराधी थानेदार को गिफ्ट देते हुए उनके साथ फोटो खिंचवा रहे हैं। अपराधियों और पुलिस की यह जुगलबंदी कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।









