– खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, लैपटॉप-प्रिंटर समेत उपकरण जब्त
अश्विनी श्रीवास्तव
चित्रकूट। जिले में अवैध खनन और उसके परिवहन से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने भरतकूप क्षेत्र में छापेमारी कर फर्जी सरकारी दस्तावेजों के जरिए चल रहे राजस्व चोरी के खेल का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान 25 फर्जी रवन्ना बरामद किए गए हैं, जबकि एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह अवैध नेटवर्क भरतकूप के बांदा से सटे मार्ग पर स्थित भारत पेट्रोल पंप के पास एक दुकान से संचालित हो रहा था। खनिज इंस्पेक्टर मंटू सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जब छापा मारा तो दुकान संचालक टीम को देखकर दरवाजा बंद कर फरार हो गया।
पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर तलाशी ली, जिसमें भरथौल निवासी योगेंद्र कुमार पुत्र उमाशंकर को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से एक लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए।
जांच के दौरान 25 ईएमएम-11-ई फॉर्म-सी (रवन्ना) बरामद हुए। ये दस्तावेज बांदा जिले के नरैनी क्षेत्र के पट्टाधारक अनूप सिंह के नाम पर जारी बताए गए हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल चित्रकूट में अवैध खनन सामग्री के परिवहन के लिए किया जा रहा था। आरोप है कि इन रवन्नों की कंप्यूटराइज्ड फोटोकॉपी बनाकर बार-बार उपयोग किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी योगेंद्र कुमार ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह यह काम भरतकूप निवासी सुरेश सिंह और उचित नारायण के साथ मिलकर करता था। पुलिस के मुताबिक यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा था, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
खनिज इंस्पेक्टर मंटू सिंह ने बताया कि मामले की पुष्टि के लिए बांदा खनिज विभाग से भी संपर्क किया जा रहा है। वहीं, बरामद सभी सामग्री पुलिस को सौंप दी गई है।
थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।









