रामराज्य में मातम भी महफूज नहीं! बाराबंकी में तीजे पर टूटी दरिंदगी—पुलिस की चुप्पी से दबंगों के हौसले बुलंद”

*“थाने में FIR नहीं, बाहर खुलेआम गुंडागर्दी—पीड़ित दर-दर, हमलावर बेखौफ… क्या सिस्टम ने ही अपराधियों को दी ढाल?”*

 

*ब्यूरो चीफ बाराबंकी*

 

 

बाराबंकी जनपद के फतेहपुर थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर परिवार में मौत का मातम था, वहीं दूसरी ओर तीजे की रस्म के दौरान ही विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।पीड़ित मो. सालिम के अनुसार, उनकी बहन आफरीन बानो के पति मोहम्मद जुबेर की 30 मार्च 2026 को मृत्यु हो गई थी। 1 अप्रैल को तीजे के मौके पर जब मायके पक्ष के लोग पहुंचे, तभी ससुराल पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मामला इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडों और घूंसों से जमकर मारपीट की गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए।

आरोप है कि इस पूरी घटना के बाद भी जब थाना फतेहपुर में शिकायत दी गई, तो कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे आक्रोशित पीड़ित पक्ष को पुलिस अधीक्षक के पास गुहार लगानी पड़ी, जहां से कार्रवाई का आश्वासन मिला है।इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है— क्या अब न्याय पाने के लिए हर पीड़ित को थाने से नहीं, सीधे एसपी ऑफिस का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा?लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या थानों में FIR दर्ज करना अब आसान नहीं रह गया है, और क्या यही वजह है कि दबंगों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

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Author: Up Fight Times

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