अश्विनी श्रीवास्तव
चित्रकूट । जनपद के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मड़फा महादेव की तलहटी में स्थित आद्य शंकराचार्य आश्रम में पूर्वाम्नाय पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य अधोक्षजानन्द महाराज के निर्माणाधीन आश्रम में बिजली के हाई वोल्टेज तारों में चिंगारियां उठने की वजह से यज्ञशाला स्थल जलकर राख हो गया। कुछ दिन पहले ही शंकराचार्य ने इसी यज्ञशाला में शिव शक्ति महायज्ञ एवं राजराजेश्वरी महाआराधना का आयोजन किया था। वृंदावन और काशी से आए कारीगरों ने लगभग 15 लख रुपए की लागत वाली इस सुन्दर यज्ञशाला का निर्माण किया था। आश्रम के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज तारों को हटाने के लिए आश्रम प्रबंधन ने विद्युत विभाग को कई बार आगाह भी किया और प्रार्थना पत्र भी दिया था, लेकिन शंकराचार्य ने विद्युत विभाग की इस लापरवाही पर गहरी नाराजगी प्रकट की है। गांव के पूर्व प्रधान नरेंद्र कुमार पयासी ने बताया कि कल शाम 7 बजे जब हम लोग आश्रम में संध्या आरती की तैयारी कर रहे थे तभी अचानक यज्ञशाला स्थल धू -धू कर जलने लगी। गांव के कई लोगों ने भाग कर आग को फैलने से बचाया। फायर ब्रिगेड को भी फोन करके बुलाया गया लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी लगभग 2 घंटे बाद ही घटना स्थल पर पहुंची। गांव वालों के अथक प्रयास से आग को आगे बढ़ने से रोका गया। यदि इसको नहीं रोका जाता तो आग की चपेट में खेतों में पड़ी फसल और गांव तक भी आग फैल सकती थी। जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के उदासीन रवैया की वजह से इतना नुकसान हुआ है। अभी भी अगर विद्युत विभाग हाई वोल्टेज लाइन को यहां से नहीं हटाता तो किसी बड़े खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि शंकराचार्य इसी स्थल पर एक भव्य गुरुकुल का निर्माण भी करवा रहे हैं। आश्रम में आध्यात्मिक कार्यक्रम चलते रहते हैं और वीआईपी लोगों का भी मूवमेंट रहता है, ऐसे में विद्युत विभाग की यह लापरवाही लोगों को भारी पड़ सकती है।









