कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश पुलिस में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो अपराधियों के लिए खौफ और आम जनता के लिए भरोसे का प्रतीक बन जाते हैं। ऐसा ही एक नाम है IPS राजेश कुमार का, जिन्हें विभाग में ‘एक्शन मैन’ के रूप में जाना जाता है। वर्तमान में कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में तैनात राजेश कुमार का तीन दशक का करियर साहस और ईमानदारी की मिसाल है।

शिक्षा से सेवा तक का सफर
जौनपुर जिले के मझगवां गांव में जन्मे राजेश कुमार की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई। उनके पिता पारसनाथ सिंह इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य थे और उनके बड़े भाई अरुण प्रकाश भी एक IAS अधिकारी हैं। राजेश कुमार ने 1992 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक किया और अपने पहले ही प्रयास में PPS परीक्षा पास कर 1993 बैच के अधिकारी बने।
अपराधियों के लिए ‘काल’
राजेश कुमार ने अपने करियर में अब तक 200 से अधिक एनकाउंटर किए हैं, जिनमें 10 खूंखार अपराधियों को ढेर किया गया है। उनके सबसे चर्चित ऑपरेशनों में शामिल हैं:
रिंकू राय एनकाउंटर (2007): प्रयागराज में बमबाज़ रिंकू राय को मुठभेड़ में मार गिराया।
दुर्गेश जाटव एनकाउंटर: 6 सिपाहियों की हत्या करने वाले 50,000 के इनामी बदमाश को फिरोजाबाद में 20 मिनट की मुठभेड़ के बाद ढेर किया।

सम्मान और उपलब्धियां
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है:
राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक
गृह मंत्रालय का उत्कृष्ट सेवा पदक
DGP का कमेंडेशन डिस्क (सिल्वर)
कौशाम्बी में कानून का राज
जब से उन्होंने कौशाम्बी की कमान संभाली है, जिले में अपराध ग्राफ में भारी गिरावट आई है। हाल ही में उन्होंने मंझनपुर और सैनी क्षेत्र के संगीन मामलों का त्वरित खुलासा कर अपराधियों को जेल भेजा है। उनके नेतृत्व में कौशाम्बी पुलिस CM डैशबोर्ड की रैंकिंग में प्रदेश के शीर्ष जिलों में शामिल रही है।
”पुलिस की वर्दी जिम्मेदारी का प्रतीक है, डराने का नहीं। हमारा काम जनता को सुरक्षा देना और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करना है।” — राजेश कुमार (SP, कौशाम्बी)









