ब्यूरो चीफ बाराबंकी
रामसनेही घाट (बाराबंकी)। डिजिटल दौर में जहां सोशल मीडिया लोगों को नई पहचान और रोज़गार दे रहा है, वहीं ब्लॉक बनीकोडर का एक गांव अब प्रदेश भर के कंटेंट क्रिएटर्स का पसंदीदा ठिकाना बनकर उभर रहा है। यहां हर रविवार आयोजित होने वाला “यूपी ब्वॉयराज कॉमेडी संडे मीटअप” इस गांव को नई पहचान दिला रहा है। बताया जाता है कि पिछले कुछ महीनों से यह गांव सोशल मीडिया क्रिएटर्स का केंद्र बन चुका है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों और जिलों से यूट्यूबर, रील क्रिएटर, कॉमेडी वीडियो मेकर और डिजिटल कंटेंट बनाने वाले युवा हर रविवार यहां पहुंचते हैं। रविवार के दिन गांव में ऐसा माहौल बन जाता है मानो कोई बड़ा आयोजन चल रहा हो। हर रविवार लगती है क्रिएटर्स की “डिजिटल चौपाल” संडे मीटअप में शामिल होने वाले क्रिएटर्स अपने अनुभव साझा करते हैं और सोशल मीडिया से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं। कई नए क्रिएटर्स बताते हैं कि उनके अकाउंट की ग्रोथ, आईडी से जुड़ी दिक्कतें, कंटेंट स्ट्राइक, मोनेटाइजेशन और एल्गोरिथ्म जैसी समस्याओं को यहां सामूहिक चर्चा के जरिए हल किया जाता है। मीटअप का सबसे खास पहलू यह है कि इसमें अनुभवी क्रिएटर्स नए युवाओं का मार्गदर्शन करते हैं। इससे गांव के युवाओं में भी सोशल मीडिया को लेकर जागरूकता और उत्साह बढ़ रहा है। गांव में बढ़ी रौनक, स्थानीय लोगों को भी फायदा हर रविवार बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले युवाओं के कारण गांव में चहल-पहल बढ़ जाती है। चाय-नाश्ते की दुकानों से लेकर स्थानीय परिवहन तक को इसका लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले जहां रविवार सामान्य दिन जैसा होता था, अब वह गांव के लिए खास बन गया है। युवाओं के लिए बन रहा अवसर का मंच मीटअप में शामिल युवाओं का मानना है कि सोशल मीडिया अब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि रोजगार और पहचान का मजबूत माध्यम बन चुका है। इस पहल से गांव का नाम दूर-दूर तक पहुंच रहा है और यह जगह डिजिटल क्रिएटर्स के लिए सीखने-समझने का मंच बनती जा रही है। इस तरह ब्लॉक बनीकोडर का यह गांव धीरे-धीरे “सोशल मीडिया क्रिएटर्स के गांव” के रूप में अपनी अलग पहचान बना रहा है, जहां हर रविवार डिजिटल दुनिया की नई कहानियां लिखी जा रही हैं।








